कहीं मोदी को पीएम बनने से रोकने की कोई अंतर्राष्ट्रीय साजिश तो नहीं चल रही ?
देश में मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से सभी राजनैतिक दलों में तो घबराहट देखी ही जा रही है दूसरी ओर कुछ मीडिया संस्थानों में भी अजीब सी बेचैनी देखी जा सकती है। मीडिया की इस घबराहट को हम उनके चैनलों पर परोसी जा रही ख़बरों से महसूस कर रहे है जिनमें खबरों को बनाने की कसरत की जा रही है जैसे ',मोदी बनाम केजरीवाल ' और कभी कहा जा रहा है कि 'मोदी का रथ रोकेंगे केजरीवाल '-इन ख़बरों को देख कर सहज ही अंदाजा लग जाता है कि प्रस्तुति मोदी के विरुद्ध चल रहे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अभियान की वो बानगी है जिसमें किसी भी तरह से मोदी को पीएम बनने से रोकना ही एकमात्र उदेश्य है।
देश में कांग्रेस के विरुद्ध जनता में गहरा रोष होने के बावजूद ।इन खबरों में दिखाया जा रहा है कि' मोदी का ग्राफ गिर रहा है.कांग्रेस के विरुद्ध जनता ने अपने जबर्दस्त रोष का इजहार अभी हाल में आये राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों में व्यक्त कर दिया है ।लेकिन देश कि राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस ने ७० सीटों में से सिर्फ ८ सीटें जीतकर ३२ सीटें जीतनेवाली भाजपा को सत्ता से दूर रखने की साजिश के तहत मात्र २८ सीटें जीतनेवाली'आप' की अनैतिक सरकार बनवा कर सत्ता की चाबी अपने हाथ में काबू करके यह सन्देश दिया है कि वह सारे पाप करके भी आप के माध्यम से सत्ता की डोर अपने हाथों में रखने की क्षमता रखती है। आश्चर्य की बात यह है कि दिल्ली में अनैतिक सरकार को मीडिया भी ऐसे प्रस्तुत कर रही है जैसे यह दिल्ली के लोगों का जनादेश है। अगर दिल्ली में ऐसी सरकार को जनता चाहती होती तो वह बीजेपी को ३२ सीटों पर जीता कर विधानसभा में सबसे बड़े दल के रूप में स्थापित नहीं करती। केजरीवाल के मामले में एक तरफा ख़बरों को परोसने की कवायद से उन चैनलों की निष्पक्षता पर प्रशनचिन्ह [?] लग गया है। दिल्ली में कुछ लुभावनी घोषणाएं करके सीएम केजरीवाल ने लोगों को जिस तरह से गुमराह करने की कौशिशकी है उसकी असलियत जल्दी ही सामने आ जायेगी तब लोगों को इस अनैतिक सरकार को गठित करवाने के पीछे कांग्रेस की असली मंशा का पता चलेगा कि कांग्रेस किस बेशर्मी से जनादेश को भी उलटने की हिमाकत करने में माहिर है। इस सरकार की आयु ज्यादा लम्बी नहीं है और भावी लोकसभा चुनावों के बाद इसका धराशायी होना निश्चित है।लेकिन एक बार तो बीजेपी को सत्ता पाने से रोकने की साजिश कामयाब हो गयी लगती है जिसमे आप जैसे स्वंभू ईमानदार केजरीवाल और उनकी टीम जो चुनाव में कांग्रेस के विरुद्ध गम्भीर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाकर चुनाव लड़े थे ,चुनाव के बाद उसी कांग्रेस के समर्थन से सत्ता सुख भोगने में इतने मदमस्त हो गए हैं कि अब शीला दीक्षित के विरुद्ध किसी भी भ्रष्टचार के सबूत होने से ही इनकार कर रहे हैं।
ऐसा भी दिख रहा है कि मोदी जैसे दमदार व्यक्ति के हाथों में भारत की बागडौर आने की सम्भावना मात्र से ही देश के अंदर और देश के बाहर बैठे कुछ भारत विरोधी लोग परेशान है और वो किसी भी कीमत पर मोदी को सत्ता से दूर रखना चाहते हैं। मोदी के आने से भारत एक शक्तिशाली देश की हैसियत पा लेता है तो उन लोगों और देशों को तकलीफ हो सकती है जो भारत को एक कमजोर देश बनाकर अपनी उँगलियों पर नचाते रखना चाहते हैं और इसकी बागडौर किसी कमजोर इरादेवाले व्यक्ति के हाथों में रखकर अपने नापाक इरादों को पूरा करने कि मंशा रखते हैं। और ऐसा वो अब तक करते भी आये हैं ,इसीलिए वो शक्तियां मोदी को पीएम न बन सके इसकेलिए मोटी धनराशि खर्च कर रही है और कुछ मीडिया संसथान भी इसमें लाभान्वित हुए हो ऐसा हो सकता है ?देश में मोदी को बदनाम करने ,उनको किसी न किसी आरोप में घेरने की साजिश पिछले कई वर्षों से की जा रही है और उसमें नाकाम रहने के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय साजिश के तहत हो सकता है यह अभियान चलाया जा रहा हो जिसमें कुछ नए -पुराने राजनैतिक दल ,गैर सरकारी संगठन और मीडिया संसथान भी शामिल हो सकते हैं ?देश की जनता को किसी भी लुभावने वादों और अभियान से सचेत रह कर देश के दुश्मनों द्वारा रचे जा रहे षड्यंत्र को समझना होगा और देश की बागडौर किसी लुंजपुंज व्यक्ति कि बजाय मोदी जैसे दृढ़ इच्छाशक्तिवाले सशक्त हाथों में सौंपकर अपना और अपनी आनेवाली नस्लों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने का अपना राष्ट्रिय धर्म निभाना होगा।
No comments:
Post a Comment