Tushrapat

Saturday, 10 August 2013

मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति और धारा 370 ही भारत को तबाही की राह पर ले जा रही है

कश्मीर के किश्तवाड़ में ईद के पावन पर्व पर जिस तरह से उन्मादी भीड़ ने हिंसा और आगजनी की उससे  इस्लाम का कौनसा रूप दुनिया के सामने आता हैयह सोचने का विषय है ? शायद इस्लाम का  प्रेम -भाईचारे का यही सन्देश उन उन्मादी लोगों को समझाया गया है कि दुसरे धर्म के अनुयायिओं पर हमले करके उनकी सम्पति को आग के हवाले करने से ही वह इस्लाम के सच्चे अनुयायी साबित हो सकते हैं।  यह जेहादी सोच बेहद खतरनाक है। कश्मीर में जो कुछ पिछले 66 वर्षों से चल रहा है उसके पीछे सिर्फ वही मानसिकता काम कर रही है जो जेहाद का मतलब गैर मुस्लिमों को जबरन मुसलमान बनाने और ऐसा न मानने वालों को मौत के घाट उतार देने को ही इस्लाम की सेवा मानती है। कश्मीर में इसी मानसिकता  ने वहां रहनेवाले हिंदुयों -सिखों पर बार -2  हमले किये और हजारों को मौत के घाट उतारकर उनको घाटी छोड़ कर चले जाने को मजबूर कर दिया। आज भी लाखों कश्मीरी पंडित अपना घर -बाहर छोड़ कर अपने ही देश में शरणार्थी बनकर दैयनीय जीवन जी रहे हैं और कोई भी धरमनिरपेक्ष पार्टी या सरकार उन्हें कश्मीर में पुन;नहीं बसा बसा पाई है। यही कश्मीर की हकीकत बन चुकी है और इसको बदलना भारत की सरकार भी नहीं चाहती। पाकिस्तान अपने जन्म से ही कश्मीर को लेकर भारत से युद्धरत है। कश्मीर को आज दुनिया के उन खतरनाक क्षेत्रों में माना जाने लगा है जो कभी भी एशिया महाद्वीप को महायुद्ध की आग में धकेल सकता है। कश्मीर को इस खतरनाक मुहाने पर लाने के लिए इस्लामिक कट्टरता ,भारतीय सरकारों की ढुल -मुल नीतियाँ और भारत के संविधान की धारा 3 7 0 प्रमुख रूप से जिम्मेदार है।

           भारत की यूपीए सरकार आज देश की सीमायों और जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम है और अपने मुस्लिम वोट -बैंक को बनाये रखने की लालसा में देश की एकता -अखंडता को दाव पर लगा रही है। यही कारण है कि वह पाकिस्तान को उसकी हर बार उदंडता का जवाब देने की बजाय उसके साथ प्रेम और भाईचारे को बनाने की इकतरफा कौशिश में जुटी हुयी है। कांग्रेस और उस जैसी तमाम मुस्लिम वोटों की लालची राजनैतिक पार्टियों की इसी मानसिकता का फायदा देश के अन्दर बैठे अलगाववादी ताकतें और उनका आका पाकिस्तान उठाने में लगे हैं और इसी मानसिकता के कारण 1 9 4 7 में देश का बंटवारा हुआ था।आज वोट -बैंक की नीति और संविधान की धारा 3 7 0 को हटाकर ही भारत को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है।