भारत के शासक बार -2 क्यों फंसते हैं पाक की "नापाक चालों " में ?
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| भारत के बंटवारे के नायक -नेहरु और जिन्ना |
पाकिस्तान कभी नहीं सुधर सकता उसकी नस्ल ही ऐसी है कि वह झूठ पर झूठ बोलता रहेगा और भारत के खिलाफ अपना जिहाद भी जारी रखेगा। भारत की सरकार हर बार उसके झूठ के जाल में फंसकर अपने राष्ट्र और जनता को दाव पर लगाती रहेगी ,भारत की इस कमजोरी को पाकिस्तानी भली -भांति जान चुके हैं । जिन तौर -तरीकों को पाकिस्तान ने अपना रखा है उसी को अपनाकर मुस्लिम लीग ने 1947 में भारत का लगभग एक तिहाई भू -भाग हथिया लिया और पाकिस्तान नाम का नापाक देश दुनिया के नक़्शे पर उभर आया। 1947 में भी कांग्रेस के नेताओं की यही नीति थी जो आज देखने को मिल रही है। मुसलमान पाकिस्तान नाम का एक बड़ा भू -भाग लेने के उपरांत भी कभी संतुष्ट नहीं हुए ,इसीलिए पाकिस्तान अपने जन्म से ही भारत को बर्बाद करने के नापाक कोशिशों में जुटा हुआ है। इसी कारण धर्म के नाम पर बंटवारा होने के बावजूद मुसलमानो की एक बहुत बड़ी आबादी भारत में ही रुक गयी और इस मुस्लिम आबादी को यहाँ रोकने के पीछे कांग्रेस की भी यही सोच रही कि यह लोग उसके वोट -बैंक बने रहेंगे और यह होता भी रहा। इसी सोच के साथ आज भी कांग्रेस मुसलमानों के तुष्टिकरण में लगी हुयी है।
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| देश को आज़ादी मिली और इन जैसे करोड़ो लोग हुए बेघर |
भारत के बंटवारे के समय भी पश्चिमी पंजाबमें मुसलमानों ने हिन्दू -सिखों को बड़ी क्रूरता के साथ क़त्ल कर डाला और करोड़ों लोगों को अपना सब कुछ छोडकर वहां से निकलने को मजबूर कर दिया।ईमान वाले इन लोगों की क्रूरता के कारण बहुत से हिन्दू -सिख अपनी जान से हाथ धो बैठे और कईओं को जबरन इमान वाला बना कर इस्लाम के माननेवालों की संख्या में इजाफा किया। बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों के साथ दुराचार करके उनको बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसा ही कत्ले -आम बंगाल में भी हुआ क्योंकि उसका पूर्वी भाग भी पाकिस्तान का पूर्वी भाग बन गया था। पंजाब और बंगाल के अलावा दुसरे क्षेत्रों ने बंटवारे के इस विषैले दंश को नहीं झेला था और इसीलिए भारत की आजादी की जो कीमत इन दोनों राज्यों के लोगों को चुकानी पड़ी वह किसी अन्य राज्य के लोगों को नहीं चुकानी पड़ी। बंटवारे के कारण विस्थापित हुए हिन्दू-सिखों को आज भी कई लोग कहते हैं कि यह पाकिस्तान से भाग कर आये हुए शरणार्थी हैं ,ऐसा कहने वाले यह नहीं जानते कि 1947 से पहले तक दुनिया के नक़्शे में कहीं भी पाकिस्तान नाम की बीमारी दुनिया में नहीं थी। विभाजन की पीड़ा को वह लोग तो कभी नहीं भूल सकते जिन्होंने इसको झेला है और उनकी आनेवाली संतानों के दिलों में भी इसकी टीस रहनी चाहिए ताकि वह भविष्य में फिर धोखा न खा सके ,परन्तु अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि हिन्दुओं की याददास्त बहुत कमजोर है। आज हम देश की आजादी का जश्न मनाने के साथ -२ इसके लिए कुर्बान हुए लाखों भारतीयों को न भूलें जिनकी कीमत पर हमें यह अवसर मिला है।

पाकिस्तान को बनाने वाली मानसिकता आज भी कम कर रही है
भारत के बंटवारे के समय भी पश्चिमी पंजाबमें मुसलमानों ने हिन्दू -सिखों को बड़ी क्रूरता के साथ क़त्ल कर डाला और करोड़ों लोगों को अपना सब कुछ छोडकर वहां से निकलने को मजबूर कर दिया।ईमान वाले इन लोगों की क्रूरता के कारण बहुत से हिन्दू -सिख अपनी जान से हाथ धो बैठे और कईओं को जबरन इमान वाला बना कर इस्लाम के माननेवालों की संख्या में इजाफा किया। बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों के साथ दुराचार करके उनको बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसा ही कत्ले -आम बंगाल में भी हुआ क्योंकि उसका पूर्वी भाग भी पाकिस्तान का पूर्वी भाग बन गया था। पंजाब और बंगाल के अलावा दुसरे क्षेत्रों ने बंटवारे के इस विषैले दंश को नहीं झेला था और इसीलिए भारत की आजादी की जो कीमत इन दोनों राज्यों के लोगों को चुकानी पड़ी वह किसी अन्य राज्य के लोगों को नहीं चुकानी पड़ी। बंटवारे के कारण विस्थापित हुए हिन्दू-सिखों को आज भी कई लोग कहते हैं कि यह पाकिस्तान से भाग कर आये हुए शरणार्थी हैं ,ऐसा कहने वाले यह नहीं जानते कि 1947 से पहले तक दुनिया के नक़्शे में कहीं भी पाकिस्तान नाम की बीमारी दुनिया में नहीं थी। विभाजन की पीड़ा को वह लोग तो कभी नहीं भूल सकते जिन्होंने इसको झेला है और उनकी आनेवाली संतानों के दिलों में भी इसकी टीस रहनी चाहिए ताकि वह भविष्य में फिर धोखा न खा सके ,परन्तु अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि हिन्दुओं की याददास्त बहुत कमजोर है। आज हम देश की आजादी का जश्न मनाने के साथ -२ इसके लिए कुर्बान हुए लाखों भारतीयों को न भूलें जिनकी कीमत पर हमें यह अवसर मिला है।
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पाकिस्तान को बनाने वाली मानसिकता आज भी कम कर रही है |


Rajesh Bhatia Pakistan ek na-jayaz aulaad hai, jo Gandhi aur nehru ke samagam se paida hui hai. Dukh ye hai ki hum HINDU, is baat ko kabhie samajh nahi paye ki hum kandhar se baali dweep tak they, hindu samrajay itna vishal tha aur aaj hum kahan hai. Dooshit pakistan hai, utney hi dushit hum hai, kyunki aaj bhi yahan hyderbad se owesi jeet-ta, digvijay ki baat log suntey hai, mahesh bhutt khuley aap musulmano ko jihad karney ko kehta hai, laalu aur mulayam ka itna bada makaam hai
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