Tushrapat

Tuesday, 10 September 2013

: क्या चाहता है इस्लामिक कट्टरवाद और क्यों बार -बार ...

सजगवार्ता sajagvarta : क्या चाहता है इस्लामिक कट्टरवाद और क्यों बार -बार ...: आज जिस तरह से यूपी के मुज्जफर नगर को साम्प्रदायिकता की आग ने घेर लिया है ,उसके लिए वहां कि समाजवादी सरकार की मुस्लिम तुष्टिकरण की घटिया नी...

Friday, 30 August 2013

मुसलमानों को आरक्षण की नहीं परिवार नियोजन की जरूरत है मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण उनकी जेहादी मानसिकता है ,जिसको बदलना जरूरी है

 क्या देश और समाज की तरक्की की रफ़्तार को  नहीं रोक रहा आबादी का बढ़ता बोझ ? क्यों परिवार नियोजन अपनाने वालों को नहीं  मिलता सरकारी योजनाओ का लाभ ?

देश में मुसलमानों को वोटों की खातिर राजनैतिक दल उनको कभी आरक्षण का झुनझुना दिखाते हैं और कभी उनके पिछड़ेपन के लिए उनके साथ किया जानेवाला प्रशासनिक भेदभाव बताया जाता है।यह सारी कसरत और नौटंकी सिर्फ मुसलमानों का सबसे बड़ा हितैषी बनकर उनके वोट पाने की जुगत के तहत कथित सेकुलर नेता और राजनैतिक दलों द्वारा की जाती है।मुस्लमान भी इसमें खुश हैं क्योंकि इस आड़ में वह अपने जेहादी एजेंडे के तहत अपनी आबादी बढ़ाने की मुहीम में दिन -रात जुटे हुए हैं।मुसलमानों के पिछड़ेपन की असली वजह उनका परिवार नियोजन को न अपनाना है और आबादी के बढ़ने की वजह से भारत का विकास भी बाधित होता जा रहा है। 

       आज मुसलमानों के छोड़कर सभी अन्य धर्मों को मानने वाले लोगों में 2 या 3 बच्चों को ही पैदा करने की परम्परा चल रही है। इसके पीछे इन लोगों की सोच है कि महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में कम संतान होने से वह अपने परिवार का भरण -पोषण ठीक तरह से कर पाएंगे और अपने बच्चों को भी अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य उज्जवल कर पाएंगे। इसके उलट मुसलमान अधिक संतान को पैदा करके अपनी और देश की तरक्की को रोकने के मिशन में लगे हुए हैं।इनके धार्मिक नेता भी इनको यही समझाने में कामयाब हो चुके हैं कि संतान अल्ला की देन है और इनको पैदा होने से रोकना अल्ला के आदेश की तोहीन है। इसके साथ ही आबादी बढ़ाने के पीछे यह मानसिकता भी काम कर रही है कि अगर उनकी संख्या अधिक होगी तो भारत पर उनका ही इस्लामिक राज कायम हो जायेगा।इसी कारण  मेवात के इलाके में आज भी कई मुसलमानों के 15 से 20 बच्चे भी पाए जा रहे हैं। अधिक संतान होने की वजह से न तो उनका भरण -पोषण ठीक तरह से होता है और न ही उनको शिक्षा भी मिल पाती है। यही अशिक्षा अधिकांश लोगों को अपराध और अन्य असमाजिक कार्यों की ओर धकेल रही है। परिवार -नियोजन को न अपनाकर मुसलमान अपने पिछड़ेपन को तो आमंत्रित कर ही रहे हैं साथ ही समाज और देश की तरक्की की रफ़्तार को भी रोकने में लगे हुए हैं। कुछ माह पहले ही राजस्थान के अलवर जिले के एक गाँव में एक मुसलमान मेरे पास अपनी ओल्ड ऐज पेंशन की समस्या को लेकर आया। इसकी हालत बिलकुल दरिद्र थी और उसकी आयु 70 वर्ष थी।उसने तीन विवाह किये और अब उसके 9 लड़के और 3 लड़कियां हैं। मजेदार बात यह है कि सबसे छोटा लड़का सिर्फ ढाई माह का है।जब मैंने उससे सवाल किया कि इतनी गरीबी में इतने बच्चे क्यों ?तो उसका जवाब था कि साहब यह अल्ला की देन है।मेरे यह कहने पर कि अब उसकी अगली संतान कब होगी ?तो वह बोला कि यह तो अल्ला ही बता सकता है। यह सोच ही है मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण जो न तो किसी सरकारी योजना के लाभ और न ही उनको आरक्षण देने से  समाप्त हो सकता है।  ऐसी सोचवालों को अधिक संतान को पैदा करके कई लाभ स्वत ही मिल जाते हैं जैसे -


 पहले आबादी बढ़ाना और फिर पिछड़ेपन का रोना 


सरकार से गरीबी का प्रमाण पत्र तो मिल ही जाता है और पेंशन के साथ -2 गरीबों को मिलनेवाली सारी लाभकारी योजनाओ का लाभ भी।क्या इस आबादी का बोझ उन लोगों पर नहीं पड़ रहा जो सरकार को टैक्स देते हैं ,सरकारी योजनाओ के लाभ से वंचित रहते हैं और राजनैतिक दलों की उपेक्षा का शिकार भी उनको ही होना पड़ रहा है क्यों ?जवाब साफ है की वह लोग परिवार नियोजन को अपनाते हैं ,उनकी संतान अल्ला की देन नहीं है और वह मुस्लमान भी नहीं हैं।यह अभागे सरकार को टैक्स देकर और देश पर बोझ कम करके क्या कोई गुनाह करते हैं ?इसका जवाब गैर मुसलमानों यानि काफिरों को क्या यह सरकार ,सेकुलर नेता ,देश के संसाधनों पर मुसलमानों का पहला हक़ बताने वाले अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ,सोनिया -राहुल गाँधी और ईमानवाले मुसलमान देने का कष्ट करेंगे http;tusharapat.blogspot.com/?http://sajagvarta.blogspot.com/http://sajagvarta.blogspot.com/

Thursday, 15 August 2013

आज देश को रिमोट कंट्रोल से चलने वाले नहीं मोदी जैसी इच्छाशक्ति वाले नेता की जरुरत है

देश की जनता में सबसे अधिक असरदार नेता 
जनता में बे -असरदार नेता 
 प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लालकिले से पढ़े गए भाषण का विश्लेष्ण करके मोदी के संबोधन से कांग्रेस के साथ-साथ कई अन्य नेता तो तिलमिला ही रहे हैं, इसके साथ मीडिया की भांड मण्डली भी महाबहस चला रही है। जितनी तीखी प्रतिक्रिया मोदी की कही बातों की होती है उतनी तेजी से उनकी लोकप्रियता का ग्राफ जनता में बढ़ रहा है। जो भाषण पीएम ने दिया वो किसी थके -हारे और हताश -निराश व्यक्ति का हो सकता है नाकि भारत जैसे परमाणु शक्ति से सम्पन्न राष्ट्र प्रमुख का। दूसरी ओर मोदी का भाषण ऐसा है जो इच्छाशक्ति से भरपूर किसी राष्ट्र नायक का हो। इसकी तुलना देश की जनता कर रही है और उनके विरोधी इससे घबराई सी दिखने लगी है। मोदी की यही कला है कि वह कुछ कहते हैं तो उसपर बढ़ी तीखी प्रतिक्रिया उनके विरोधी तो करते ही हैं साथ ही पूरा मीडिया भी उसपर अपनी महाबहस शुरू करके उसको इतना चर्चित कर देता है की कई दिन तक पर उस पर नेताओं में नोक-झोंक चलती रहती है। वास्तव में मोदी की लोकप्रियता को बढ़ाने में सबसे ज्यादा हाथ उनके विरोधियों का ही है। 

  आज जिन हालत से देश गुजर रहा है उनमें जनता एक ऐसे नेता की तलाश में थी जो किसी रिमोट कंट्रोल की बजाय अपनी सूझ-बुझ से चलना जानता हो और वह बिना रीढ़ का न हो। जनता को अपनी इसी इच्छा की पूर्ति मोदी के व्यक्तित्व में देखने को मिल रही है और यही बात उनके विरोधिओं की नींद हराम किये हुए है। 

Wednesday, 14 August 2013

पाकिस्तान दूषित मानसिकता की पैदावार है जिसे आज भी उसके शासक पाले हुए हैं इसलिए वह कभी नहीं सुधरेगा

भारत के शासक बार -2 क्यों फंसते हैं पाक की "नापाक चालों " में ?

भारत के बंटवारे के नायक -नेहरु और जिन्ना 

पाकिस्तान कभी नहीं सुधर सकता उसकी नस्ल ही ऐसी है कि वह झूठ पर झूठ बोलता रहेगा और भारत के खिलाफ अपना जिहाद भी जारी रखेगा। भारत की सरकार हर बार उसके झूठ के जाल में फंसकर अपने राष्ट्र और जनता को दाव पर लगाती रहेगी ,भारत की इस कमजोरी को पाकिस्तानी भली -भांति जान चुके हैं । जिन तौर -तरीकों को पाकिस्तान ने अपना रखा है उसी को अपनाकर मुस्लिम लीग ने 1947 में भारत का लगभग एक तिहाई भू -भाग हथिया लिया और पाकिस्तान नाम का नापाक देश दुनिया के नक़्शे पर उभर आया। 1947 में भी कांग्रेस के नेताओं की यही नीति थी जो आज देखने को मिल रही है। मुसलमान पाकिस्तान नाम का एक बड़ा भू -भाग लेने के उपरांत भी कभी संतुष्ट नहीं हुए ,इसीलिए पाकिस्तान अपने जन्म से ही भारत को बर्बाद करने के नापाक कोशिशों में जुटा हुआ है। इसी कारण धर्म के नाम पर बंटवारा होने के बावजूद मुसलमानो की एक बहुत बड़ी आबादी भारत में ही रुक गयी और  इस मुस्लिम आबादी को यहाँ रोकने के पीछे कांग्रेस की भी यही सोच रही कि यह लोग उसके वोट -बैंक बने रहेंगे और यह होता भी रहा।  इसी सोच के साथ आज भी कांग्रेस मुसलमानों के तुष्टिकरण में लगी हुयी है। 


देश को आज़ादी मिली और इन जैसे करोड़ो लोग हुए बेघर 

  भारत के बंटवारे के समय भी पश्चिमी पंजाबमें मुसलमानों ने हिन्दू -सिखों को बड़ी क्रूरता के साथ क़त्ल कर डाला और करोड़ों लोगों को अपना सब कुछ छोडकर वहां से निकलने को मजबूर कर दिया।ईमान वाले इन लोगों की क्रूरता के कारण  बहुत से हिन्दू -सिख अपनी जान से हाथ धो बैठे और कईओं को जबरन इमान वाला बना कर इस्लाम के माननेवालों की संख्या में इजाफा किया। बड़ी संख्या में हिन्दू लड़कियों के साथ दुराचार करके उनको बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। ऐसा ही कत्ले -आम बंगाल में भी हुआ क्योंकि उसका पूर्वी भाग भी पाकिस्तान का पूर्वी भाग बन गया था। पंजाब और बंगाल के अलावा दुसरे क्षेत्रों ने बंटवारे के इस विषैले दंश को नहीं झेला था और इसीलिए भारत की आजादी की जो कीमत इन दोनों राज्यों के लोगों को चुकानी पड़ी वह किसी अन्य राज्य के लोगों को नहीं चुकानी पड़ी। बंटवारे के कारण विस्थापित हुए हिन्दू-सिखों को आज भी कई लोग कहते हैं कि यह पाकिस्तान से भाग कर आये हुए शरणार्थी हैं ,ऐसा कहने वाले यह नहीं जानते कि 1947 से पहले तक दुनिया के नक़्शे में कहीं भी पाकिस्तान नाम की बीमारी दुनिया में नहीं थी। विभाजन की पीड़ा को वह लोग तो कभी नहीं भूल सकते जिन्होंने इसको झेला है और उनकी आनेवाली संतानों के दिलों में भी इसकी टीस रहनी चाहिए ताकि वह भविष्य में फिर धोखा न खा सके ,परन्तु अफ़सोस के साथ कहना पड़ता है कि हिन्दुओं की याददास्त बहुत कमजोर है। आज हम देश की आजादी का जश्न मनाने के साथ -२ इसके लिए कुर्बान हुए लाखों भारतीयों को न भूलें जिनकी कीमत पर हमें यह अवसर मिला है। 

पाकिस्तान को बनाने वाली मानसिकता आज भी कम कर रही है 


           आज भारत की स्थिति कोई अच्छी नहीं कही जा सकती। कश्मीर से लाखों पंडितों को अपने घरों से जबरन बाहर खदेड़ देनेवाले मुस्लमान अब जम्मू में भी अपना जिहादी नरसंहार शुरू करके वहाँ भी सिर्फ इमान वाले लोगों को रहने देने की मुहीम चला हुए हैं। यह मुहीम उसी सोच का हिस्सा है जो पाकिस्तान को बनवा चुकी है और अब धीरे -2 पुरे भारत को अपनी आगोश में लेती जा रही है। इन लोगों को अपने को कथित सेकुलर कहनेवाली पार्टियाँ और लोग भी अपना समर्थन दे रहे हैं। अगर यह सब यूँही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब न तो हिन्दू रहंगे और न ही उनका राष्ट्र भारत।जो लोग पाकिस्तान से मधुर संबंध बनाने के हिमायती हैं उन्हें पाकिस्तान के इतिहास को नहीं भूलना चाहिए। अब तक कितनी बार पाकिस्तान ने भारत को जख्म दिए हैं और हर बार भारत को उससे वार्ता करके क्या मिला ? पाकिस्तान दूषित मानसिकता की पैदावार है जिसे आज भी उसके शासक पाले हुए हैं इसलिए वह कभी नहीं सुधरेगा 

Saturday, 10 August 2013

मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति और धारा 370 ही भारत को तबाही की राह पर ले जा रही है

कश्मीर के किश्तवाड़ में ईद के पावन पर्व पर जिस तरह से उन्मादी भीड़ ने हिंसा और आगजनी की उससे  इस्लाम का कौनसा रूप दुनिया के सामने आता हैयह सोचने का विषय है ? शायद इस्लाम का  प्रेम -भाईचारे का यही सन्देश उन उन्मादी लोगों को समझाया गया है कि दुसरे धर्म के अनुयायिओं पर हमले करके उनकी सम्पति को आग के हवाले करने से ही वह इस्लाम के सच्चे अनुयायी साबित हो सकते हैं।  यह जेहादी सोच बेहद खतरनाक है। कश्मीर में जो कुछ पिछले 66 वर्षों से चल रहा है उसके पीछे सिर्फ वही मानसिकता काम कर रही है जो जेहाद का मतलब गैर मुस्लिमों को जबरन मुसलमान बनाने और ऐसा न मानने वालों को मौत के घाट उतार देने को ही इस्लाम की सेवा मानती है। कश्मीर में इसी मानसिकता  ने वहां रहनेवाले हिंदुयों -सिखों पर बार -2  हमले किये और हजारों को मौत के घाट उतारकर उनको घाटी छोड़ कर चले जाने को मजबूर कर दिया। आज भी लाखों कश्मीरी पंडित अपना घर -बाहर छोड़ कर अपने ही देश में शरणार्थी बनकर दैयनीय जीवन जी रहे हैं और कोई भी धरमनिरपेक्ष पार्टी या सरकार उन्हें कश्मीर में पुन;नहीं बसा बसा पाई है। यही कश्मीर की हकीकत बन चुकी है और इसको बदलना भारत की सरकार भी नहीं चाहती। पाकिस्तान अपने जन्म से ही कश्मीर को लेकर भारत से युद्धरत है। कश्मीर को आज दुनिया के उन खतरनाक क्षेत्रों में माना जाने लगा है जो कभी भी एशिया महाद्वीप को महायुद्ध की आग में धकेल सकता है। कश्मीर को इस खतरनाक मुहाने पर लाने के लिए इस्लामिक कट्टरता ,भारतीय सरकारों की ढुल -मुल नीतियाँ और भारत के संविधान की धारा 3 7 0 प्रमुख रूप से जिम्मेदार है।

           भारत की यूपीए सरकार आज देश की सीमायों और जनता की सुरक्षा करने में पूरी तरह नाकाम है और अपने मुस्लिम वोट -बैंक को बनाये रखने की लालसा में देश की एकता -अखंडता को दाव पर लगा रही है। यही कारण है कि वह पाकिस्तान को उसकी हर बार उदंडता का जवाब देने की बजाय उसके साथ प्रेम और भाईचारे को बनाने की इकतरफा कौशिश में जुटी हुयी है। कांग्रेस और उस जैसी तमाम मुस्लिम वोटों की लालची राजनैतिक पार्टियों की इसी मानसिकता का फायदा देश के अन्दर बैठे अलगाववादी ताकतें और उनका आका पाकिस्तान उठाने में लगे हैं और इसी मानसिकता के कारण 1 9 4 7 में देश का बंटवारा हुआ था।आज वोट -बैंक की नीति और संविधान की धारा 3 7 0 को हटाकर ही भारत को बर्बाद होने से बचाया जा सकता है। 



Thursday, 8 August 2013

देश के लिए बड़ा खतरा बन चुकी यूपीए सरकार को हटाना अति आवश्यक है

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देश की सुरक्षा के लिए यूपीए सरकार खतरा बन चुकी है।देश की सरकार सीमायों की रक्षाकरने के प्रति जरा भी गंभीर दिखाई नहीं दे रही।हालत इतने बिगड़ चुके हैं कि पाकिस्तान बार -2 हमारे सैनिकों की हत्या कर रहा है और हमारी सरकार उसके विरुद्ध कोई ठोस कदम उठाने से कतरा रही है। पाकिस्तानी सेना ने 6 अगस्त के तड़के जम्मू के पूंछ सेक्टर में सीमा पर गश्त कर रहे भारतीय सैनिकों पर हमला करके 5 सैनिकों की हत्या कर दी और एक सैनिक को गंभीर रूप से घायल कर दिया ।पाकिस्तान के इस दुस्साहस का जवाब देने की बजाय हमारी सरकार ढुल -मुल रवैय्या अपनाकर देश के लोगों का रोष बढ़ा रही है।अभी कुछ महीने पहले ही पाकिस्तानी सेना 2 भारतीय जवानों का सिर काट कर ले गयी लेकिन सरकार इस घटना के बाद भी पाकिस्तान से मधुर संबध बनाने की कवायद में ही लगी रही।देश के सैनिकों की जान इतनी सस्ती नहीं है कि नेता सिर्फ घटना की निंदा करके कुछ लाख का मुआवजा देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ले।सरकार की नपुंसकता के कारण ही आये दिन चीन भी हमारी सीमायों को रौदने में लगा हुआ है।भारत के हिस्सों पर बार -2 अपना दावा करके चीन हमारी संप्रभुता को चुनौती दे रहा है और हमारे कायर नेता देश के लोगों को गुमराह करने में लगे हुए हैं।आज पूरा देश सरकार के नपुंसक शासकों को कोस रहा है परन्तु शासक वर्ग बेशर्मी की सारी सीमायों को लाँघ कर अभी भी पाकिस्तान से संबध मधुर बनाने को आतुर है।
यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि आज हमारी सरकार का मुखिया ऐसा व्यक्ति है जो न तो बोलता है और न ही कुछ करता हुआ प्रतीत होता है।रिमोट कंट्रोल से चलने वाला यह प्रधानमंत्री सिर्फ मिट्टी का ही शेर लगता है जो पूरी दुनिया में भारत जैसे महान राष्ट्र को आज एक कमजोर और डरपोक देश की पंक्ति में खड़ा कर चूका है।देश की सुरक्षा ,जनता की रक्षा ,मान -सम्मान ,एकता -अखंडता .और साख को नुकसान पहुँचाने वाली यूपीए सरकार आज देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुकी इस सरकार से देश को शीघ्र मुक्त करवाना ही सबका राष्ट्र धर्म है

Friday, 27 April 2012

HINDU KO PAHLE CHAMATKARON OR PAKHANDON KO CHHODNA HOGA
hindon ko pahle apni buraion ki taraf bhi sochna chahiye sirf pooja path or ye babaon ke pichhe bhagne ki parvarti ko tyag kr jine ki adat banani hogi /sirf chamatkar or pakhando ke sahare koi kom jinda nahi rahti ,usko jinda rakhne ke liye tyag ,tapsya or will-power ki zaroot hoti hea.aj hindu bhag rha hea dhongi babaon ke pichhe ,tantrikon ke pichhe jo esko lootne ke sath-sath kamjor or kayar bana rahe hen ,kisi bhi dushman se ladne se pahle apne ko mazboot karo or chamatkaron or pakhando kotyago or dhongi katha vachko or tantrikon ka pichha chhodo tabhi hindu bach sakta hea anytha koi bhi bhagwan or koi bhi chamatkar inhen nahi bacha sakta.

Tuesday, 24 April 2012

NAKARA SABIT HOTI MANMOHAN KI SARKAR

MANMOHAN KI SARKAR HER MORCHE PR NAKAM HO CHUKI HEI /YEH SARKAR JANTA KO MAHNGAI OR BHARSHTACHAR KI MAR SE DABATI JA RHI HEA/JANTA KO NA TO MAHENGAI SE OR NA HI IS JANVIRODHI SARKAR SE HI MUKTI MIL PA RHI HEA/ KAI STATES MEN ATANK OR NAKSLITE APNA RODR ROOP DIKHA RAHE HEIN OR SARKAR SIRF BIYAN BAZI MEIN HI LAGI HUI HEA /KANHI MLA TO KANHI DM KA APHARAN HO RHA HEA OR SARKAR KOI THOS KARVAI KARNE KI BAJAY APHARAN KRTAON KE AGE GHUTNE TEK RHI HEA /SIRF OR SIRF VOTON KI KHATIR DESH KI SURKSHA KO TAK PR RAKH CHUKI UPA GOVT.OR USKE SAHYOGI JANTA KO SHANT VATAVARAN DENE MEIN NAKAM SABIT HUI HEA/ SARKAR KI NAKAMI OR BHARSHTACHAR SE JANTA BURI TRANHA SE TRST HO CHUKI HEA OR ISI KA RESULT HUME PICHLE KUCH CHUNAVON MEIN DEKHNE KO MILA BHI HEA / LEKIN SATTA KE MAD MEIN DUBE CONGRESS KE SOCALLED LEADER SIRF MALL BATORNE OR RANGRALIYAN MANANE MEIN HI SARA SAMAY BITA RHE HEIN /

Saturday, 14 January 2012


KALE DHANWALON KI BOKHLAHT OR DIGVIJAY KI JUBAN SE PARERIT HO RAHE HEIN KAMRAN JAISE SIRFIRE LOG

BABA RAMDEV PR INK DALNE KI KARTOOT KE PICHHE IK TO ON LOGON KI BOKHLAHT KAM KAR RAHI HEA JINKA KALA DHAN SWIS BANK MEIN HEA OR DOOSARY AUR DIGVIJAY JAISE LOGON KI MUSLIM PRAST JUBAN HEA JO HAR CHIJ KO SIRF MUSLIM VOTON KO PANE KI NAZAR SE DEKHTE HEIN.KAMRAN TO IKMOHRA  HEA ASLI GONAHGAR     DIGVIJAY JAISE LOG HEIN JO DESH KA MAHOL APNI GANDI RAJNITI OR GANDI MANSIKTA  KE KARAN KHARAB KAR RAHE HEIN .

Thursday, 4 August 2011

HINDUON KE NAM PER KALANK HEIN NETA





Ashwani Bhatia Hinduon ke nam pr kalank hein ye neta inhen na to dharam se koi lena -dena hea na hi inhe is bat se koi sarokar he ki hinduon ka bhavishya ko khatra hea . Ye haramion ko  to bus kursi chahiye chahe iske liye inhen dharam hi kyon na badlna pade ya fir apni man -bahno ko bhi muslmano ko kyon na bhana pade .Agar inhe desh se pyar hota to ye kabhi bhi bharat ka vibhajan sawikar nahi karte.Ajadi ke bad bhi desh ke hinduon ko batne ke har parkar ke parpanch netaon ne kiye hein /Voton ki rajniti karne mein lage sare dal sirf kursi ki khatir desh ko batne mein lage huyen hein /Hinduon ke nam pr thekedari karnewale sangathan bhi sirf mal batone mein hi lage hein ,jitna nuksan hinduon ka jhuthe or pakhandi babaon ne kiya hea utana hi vote ke bhukhe netaon ne kiya hea /Hinduon ko bhi apni aankhe khol kr ye dekhna padega ki hamara nuksan kon kr raha hea or is se kaise bacha ja sakta hea /

Monday, 1 August 2011

HINDU KO PAHLE CHAMATKARON OR PAKHANDON KO CHHODNA HOGA

hindon ko pahle apni buraion ki taraf bhi sochna chahiye sirf pooja path or ye babaon ke pichhe bhagne ki parvarti ko tyag kr jine ki adat banani hogi /sirf chamatkar or pakhando ke sahare koi kom jinda  nahi rahti ,usko jinda rakhne ke liye tyag ,tapsya or will-power ki zaroot hoti hea.aj hindu bhag rha hea dhongi babaon ke pichhe ,tantrikon ke pichhe jo esko lootne ke sath-sath kamjor or kayar bana rahe hen ,kisi bhi dushman se ladne se pahle apne ko mazboot karo or chamatkaron or pakhando kotyago or dhongi katha vachko or tantrikon ka pichha chhodo tabhi hindu bach sakta hea anytha koi bhi bhagwan or koi bhi chamatkar inhen nahi bacha sakta.

Saturday, 16 July 2011

नपुंसक और नकारा नेता नही कर सकते देश और देशवासीओ की सुरक्षा

मुंबई में बॉम्ब ब्लास्ट करके एक बार फिर आतंकवादियों ने ये साबित कर दिया है कि भारत की बागडोर नपुंसक ओर नाकारा लीडरो के हाथ में है. हर बार की तरह इस बार भी सरकार चलानेवालों ने लोगों से संयम बरतने की अपील की ओर कुछ राहत राशि की घोषणा करने की रस्म अदायगी कर दी. प्रधान मनती और उनकी नकेल संभालने वाली सोनिया गाँधी ने भी अस्पताल में जाकर पीड़ितो का हाल पूछ कर देश की जनता पर बहुत बड़ा उपकार कर दिया. दूसरी ओर से देश की बागडोर संभालने के पूर्व अभ्यास में लगे कॉंग्रेस के स्वघोषित युवराज राहुल गाँधी ने देश की जनता को समझा दिया कि सरकार उनकी सुरक्षा हर वक़्त नही कर सकती. उन्होने कहा कि १-२ धमाके तो होंगे ही उसे हम नही रोक सकते. एक तरह से उन्होने सच ही कहा है क्योंकि उनकी इस नकारा ओर नपुंसक सरकार से सुरक्षा की उम्मीद करना भी बेकार की बात है क्योंकि  सुरक्षा की ज़रूरत जनता को नही इन नकारा ओर नपुंसक लीडरो को है और उसको देश के सुरक्षा बल करने में लगे ही हुए हैं. रही बात जनता की, तो, उसे तो मरना ही है, फिर चाहे वो भूख से मरे, अस्पताल से इलाज़ ना होने के कारण मरे, रेल दुर्घटना मे मरे या फिर पुलिस के हाथों मारी जाए उसे तो मरना ही पड़ेगा. अगर वो आंतकवादी हमलो में मारी जाए तो इस से इन सत्ताभोगिओं को क्या फ़र्क पड़ता है?

Friday, 15 July 2011

NAKARA OR NAPUNSAK NETA NAHI KR SAKTE DESH KI SURKSHA ?

Mumbai men bomb blast karke ek bar fir aatankvadiyon ne ye sabit kr diya hea ki BHARAT ki bagdor NAPUNSAK OR NAKARA leadron ke hath mein hea.Har bar ki tarhan es bar bhi sarkar chalanewalon ne logon se saiyum bartan ki apeal ki or kuch rahat rashi ki ghoshna karke rasm adaygi kr di.PM or unki bagdor chalanewali sonia gandhi ne bhi hospital mein jakr ghaylon ka hal puch kr desh ki janta pr bhut bada upkar kr diya .Dusri or se desh ki bagdor sambhalne ke porv abhyas mein facebookjute Congress ke KATHIT YUVRAJ RAHUL GANDHI ne desh ki janta ko samjhaya diya ki sarkar unki surksha her vaqt nahi kar sakti. Ek taranh se unhone such hi kha hea es nakara or napunsak sarkar se surksha ki umid karna bhi bekar ki bat hea ,surksha janta ki nahi en nakara or napunsak leadron ki zaroort hea or usko desh ke surksha bal karne mein lage huye hen.rahi bat janta ki to use to marna hi hea fir chahe vo bhukh se mare ,hospital se elaj na hone ke karan mare ,rail accident men mare ya fir police ke hathon mari jaye use to marana hi hea agar vo aatankvadion ke hamlon men mar jaye es se en satta bhogion ko kya fark padta hea?

Tuesday, 5 July 2011

DHONGI BABAON OR TANTRIKON SE HEA SAMAJ KO KHATRA

Ajkal samaj mein dhongi baba or tantrik bhole bhale logo 
ko lootne mein lage huye hein /En dhongion ke jall  mein
fas kar kai log apna jiwan barbad kar chuke hein or bahut 
si mahilayen bhi apna sarvas loota kar apnno ke bich hi 
tiskrit hogai hein /Etna hone ke bad bhi vishesh tor se 
hindu samaj en dhongion ke pichhe pagal hua ghum rha
hea / EK JAGAH PER Kai logon ko lootkar ye dhongi dusri jagah per jaker 
 doosre nam se apni dukan khol kar logon ko thagne mein
lag jate hein /Hindu samaj bhi apne shaktishali AVTARON
ko chhodkar en kukrmi dhongion ke pass jakr apni paresh-
anion ka upay doond raha hea or inki samsya ke samadhan
 ke nam per ye dhongi baba or tantrik unse paisa bhi loot 
rahe hein or mahilaon ka sharirik shoshan tak karte hein /
Hindu samaj ko en dhongi BABAON or TANTRIKON ke
pichhe bhatkne ki bjay apne avtaron mein vishwas karna
chahiye or khaskar apni mahilaon ko en dhongi babaon or
tantrikon ke pass jane se rokna chahiye /Hindu samaj en 
dhongion ke pass jakar apna paisa to loota hi rha hea sath
hi apni mhilaon ki ejjat se bhi enhen khilwad karne ka avsar
pardan kar raha hea/

SAMAJIK ASAMANTA BADA RAHI HEA APRADHON KO _ASHWANI BHATIA


SAMAJIK ASAMANTA BADA RAHI HEA APRADHON KO _ASHWANI BHATIA

Aj samaj mein apradhon ki badh si aa gai hea.Samaj mein badti asamanta ke karan logon mein ek dusare ke perti badle or nafrat ki bhawna badti ja rahi hea.Ek taraf aise log hein jo apne pariwar ke liye 2 waqt ki roti bhi mushkil se juta pa rahe hein vanhi dusri or aise logon ki jmat bhi hea jo lakhon-kroron ek hi din mein aiyashi mein uda dete hein. Es samajik asamanta ke karan hi aaye din apradhon ki vardaten badti ja rahi hean .Jab tak sarkar es asamanta ko nahi mitati tab tak samaj mein shanti esthapit nahi ho sakti lekin sarkar ki nitiyan aisi hein ki asamanta ghatne ki bjay or badti ja rahi hea agar samay rahte es or sarkar ne dhiyan nahi diya to aage chalkr eske or bhi bhyank parinam dekhne ko mil sakte hein.Afsos ki bat hea ki dharam or samaj ke katit thekedar bhi es or se apni aankhen band kiye huye hein.